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सूरह अल-अनकबूत [29]

﴾  1  ﴿ अलिफ़, लाम, मीम। ﴾  2  ﴿ क्या लोगों ने समझ रखा है कि वे छोड़ दिये जायेंगे कि वे कहते हैं: हम ईमान लाये! और उनकी परीक्षा नहीं ली जायेगी? ﴾  3  ﴿ और हमने परीक्षा ली है उनसे पूर्व के लोगों की, तो अल्लाह अवश्य जानेगा [1]  उन्हें, जो सच्चे हैं तथा अवश्य जानेगा झूठों को। 1. अर्थात आपदाओं द्वारा परीक्षा ले कर जैसा कि उस का नियम है उन में विवेक कर देगा। (इब्ने कसीर) ﴾  4  ﴿ क्या समझ रखा है उन लोगों ने, जो कुकर्म कर रहे हैं कि हम से अग्रसर [1]  हो जायेंगे? क्या ही बुरा निर्णय कर रहे हैं! 1. अर्थात हमें विवश कर देंगे और हमारे नियंत्रण में नहीं आयेंगे। ﴾  5  ﴿ जो आशा रखता हो अल्लाह से मिलने [1]  की, तो अल्लाह की ओर से निर्धारित किया हुआ समय [2]  अवश्य आने वाला है। और वह सब कुछ सुनने जानने [3]  वाला है। 1. अर्थात प्रलय के दिन। 2. अर्थात प्रलय के दिन। 3. अर्थात प्रत्येक के कथन और कर्म को उस का प्रतिकार देने के लिये। ﴾  6  ﴿ और जो प्रयास करता है, तो वह प्रयास करता है अपने ही भले के लिए, निश्चय अल्...