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सूरह स’आद [38]

﴾  1  ﴿ साद। शपथ है शिक्षाप्रद क़ुर्आन की! ﴾  2  ﴿ बल्कि, जो काफ़िर हो गये, वे एक गर्व तथा विरोध में ग्रस्त हैं। ﴾  3  ﴿ हमने विनाश किया है इनसे पूर्व, बहुत-से समुदायों का। तो वे पुकारने लगे और नहीं होता वह बचने का समय। ﴾  4  ﴿ तथा उन्हें आश्चर्य हुआ कि आ गया उनके पास, उन्हीं मेंसे एक सचेत करने [1]  वाला! और कह दिया काफ़िरों ने कि ये तो बड़ा झूठा जादूगर है। 1. अर्थात मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ﴾  5  ﴿ क्या उसने बना दिया है सब पूज्यों को एक पूज्य? ये तो बड़े आश्चर्य का विषय है। ﴾  6  ﴿ तथा चल दिये उनके प्रमुख,  (ये)  कहते हुए कि चलो, दृढ़ रहो अपने पूज्यों पर। इस बात का कुछ और ही लक्ष्य [1]  है। 1. अर्थात एकेश्वरवाद की यह बात सत्य नहीं है और ऐसी बात अपने किसी स्वार्थ के लिये की जा रही है। ﴾  7  ﴿ हमने नहीं सुनी ये बात प्राचीन धर्मों में, ये तो बस मनघड़त बात है। ﴾  8  ﴿ क्या उसीपर उतारी गई है ये शिक्षा हमारे बीच में से? बल्कि वे संदेह में हैं मेरी शिक्षा से। बल्कि उन...