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सूरह युनुस [10]

यह सूरह मक्की है, इस में  109  आयतें हैं। अल्लाह के नाम से जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है। ﴾  1  ﴿ अलिफ, लाम, रा। ये तत्वज्ञता से परिपूर्ण पुस्तक  (क़ुर्आन)  की आयतें हैं। ﴾  2  ﴿ क्या मानव के लिए आश्चर्य की बात है कि हमने, उन्हीं में से एक पुरुष पर, प्रकाशना भेजी है कि आप, मानवगण को सावधान कर दें और जो ईमान लायें, उन्हें शुभ सूचना सुना दें कि उन्हीं के लिए उनके पालनहार के पास सत्य सम्मान [1]  है? तो काफ़िरों ने कह दिया कि ये खुला जादूगर है। 1. सत्य सम्मान से अभिप्रेत स्वर्ग है। अर्थात उन के सत्तकर्मों का फल उन्हें अल्लाह की ओर से मिलेगा। ﴾  3  ﴿ वास्तव में, तुम्हारा पालनहार वही अल्लाह है, जिसने आकाशों तथा धरती को छः दिनों में उत्पन्न किया, फिर अर्श  (राज सिंहासन)  पर स्थिर हो गया। वही विश्व की व्यवस्था कर रहा है। कोई उसके पास अनुशंसा  (सिफ़ारिश)  नहीं कर सकता, परन्तु उसकी अनुमति के पश्चात्। वही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है, अतः उसी की ईबादत  (वंदना) [1]  करो। क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं क...