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सूरह आले इमरान [03]

सरह आले इमरान के संक्षिप्त विषय यह सूरह मदनी है, इस में 200 आयतें है। इस सूरह की आयत  33  में  आले इमरान  (इमरान की संतान) का वर्णन हुआ है जो ईसा (अलैहिस्सलाम) की माँ मर्यम (अलैहिस्सलाम) के पिता का नाम है| इस लिये इस का नाम ((आले इमरान)) रखा गया है। इस की आरंभिक आयत  9  तक तौहीद (अद्वैतवाद) को प्रस्तुत करते हुये यह बताया गया है कि कुरआन अल्लाह की वाणी है इस लिये सभी धार्मिक विवाद में यही निर्णयकारी है। आयत  10  से  32  तक अहले किताब तथा दूसरों को चेतावनी दी गई है कि यदि उन्हों ने कुरआन के मार्गदर्शन को जिस का नाम इस्लाम है नहीं माना तो यह अल्लाह से कुफ्र होगा जिस का दण्ड सदैव के लिये नरक होगा। और उन्हों ने धर्म का जो वस्त्र धारण कर रखा है प्रलय के दिन उस की वास्तविक्ता खुल जायेगी और वह अपमानित हो कर रह जायेंगे। आयत  33  से  63  तक में  मर्यम  (अलैहस्सलाम) तथा  ईसा  (अलैहिस्सलाम) से संबन्धित तथ्यों को उजागर किया गया जो उन निर्मुल विचारों का खण्डन करते है जिन्हें ईसाईयों ने धर्म में मिला लि...