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सूरह अश-शूरा [42]

﴾  1  ﴿ ह़ा मीम। ﴾  2  ﴿ ऐन सीन क़ाफ़। ﴾  3  ﴿ इसी प्रकार,  (अल्लाह)  ने प्रकाशना [1]  भेजी है आप तथा उन रसूलों की ओर, जो आपसे पूर्व हुए हैं। अल्लाह सबसे प्रबल और सब गुणों को जानने वाला है। 1. आरंभ में यह बताया जा रहा है कि मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) कोई नई बात नहीं कर रहे हैं और न यह वह़्यी (प्रकाशना) का विषय ही इस संसार के इतिहास में प्रथम बार सामने आया है। इस से वूर्व भी पहले अम्बिया पर प्रकाशना आ चुकी है और वह एकेश्वरवाद का संदेश सुनाते रहे हैं। ﴾  4  ﴿ उसी का है, जो आकाशों तथा धरती में है और वह बड़ा उच्च, महान है। ﴾  5  ﴿ समीप है कि आकाश फट [1]  पड़ें अपने ऊपर से, जबकि फ़रिश्ते पवित्रता का गान करते हैं अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ तथा क्षमायाचना करते हैं उनके लिए, जो धरती में हैं। सुनो! वास्तव में, अल्लाह ही अत्यंत क्षमा करने तथा दया करने वाला है। 1. अल्लाह की महिमा तथा प्रताप के भय से। ﴾  6  ﴿ तथा जिन लोगों ने बना लिए हैं अल्लाह के सिवा संरक्षक, अल्लाह ही उनपर निरीक्षक  (निग...