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सूरह अल-नबा [78]

﴾  1  ﴿ वे आपस में किस विषय में प्रश्न कर रहे हैं? ﴾  2  ﴿ बहुत बड़ी सूचना के विषय में। ﴾  3  ﴿ जिसमें मतभेद कर रहे हैं। ﴾  4  ﴿ निश्चय वे जान लेंगे। ﴾  5  ﴿ फिर निश्चय वे जान लेंगे। [1] 1. (1-5) इन आयतों में उन को धिक्कारा गया है, जो प्रलय की हँसी उड़ाते हैं। जैसे उन के लिये प्रलय की सूचना किसी गंभीर चिन्ता के योग्य नहीं। परन्तु वह दिन दूर नहीं जब प्रलय उन के आगे आ जायेगी और वे विश्व विधाता के सामने उत्तरदायित्व के लिये उपस्थित होंगे। ﴾  6  ﴿ क्या हमने धरती को पालना नहीं बनाया? ﴾  7  ﴿ और पर्वतों को मेख? ﴾  8  ﴿ तथा तुम्हें जोड़े-जोड़े पैदा किया। ﴾  9  ﴿ तथा तुम्हारी निद्रा को स्थिरता  (आराम)  बनाया। ﴾  10  ﴿ और रात को वस्त्र बनाया। ﴾  11  ﴿ और दिन को कमाने के लिए बनाया। ﴾  12  ﴿ तथा हमने तुम्हारे ऊपर सात दृढ़ आकाश बनाये। ﴾  13  ﴿ और एक दमकता दीप  (सूर्य)  बनाया। ﴾  14  ﴿ और बादलों से मूसलाधार वर्षा क...